Nimbu Ki Sabse Achi Variety: किसान भाइयों नमस्कार, अगर आप अपने खेतों में नींबू लगा दिए है या फिर पहले से ही उसकी खेती कर रहे है तो आपको गर्मियों में पैदावार को लेकर काफी समस्या रहती होगी। किसान भाइयों इसके कई कारण होते है लेकिन आप इसमें नींबू की पैदावार बढ़ा सकते है। इसके लिए आपको आज के इस आर्टिकल में हम डिटेल में इसकी जानकारी देंगे कि कैसे आपको पैदावार बढ़ानी है ओर इसके लिए कौन कौन से जरूरी कदम आपको उठाने होंगे।
गर्मी के मौसम में नींबू की बहुत अधिक डिमांड रहती है और किसान चाहते है की अधिक से अधिक पैदावार अगर उनको मिलेगी तो उनकी कमाई भी अधिक होगी। किसान भाइयों अधिक पैदावार लेने में किस्म का चुनाव करना और साथ में पौधों में उर्वरक, पौधे से पौधे की दूरी और सिंचाई बहुत मायने रखती है। इसके अलावा पौधों की जड़ के आसपास में खुदाई करना भी अधिक पैदावार लेने में काफी कारगर सिद्ध होते है। आइये जानते है निम्बू की पैदावार बढ़ाने के लिए आपको क्या क्या करना होगा।
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गर्मियों में अधिक पैदावार देने वाली नींबू की किस्में
किसान भाइयों भारत में बहुत साड़ी किस्मों के निम्बू की खेती की जाती है लेकिन जब बात अधिक पैदावार देने वाली किस्मों की होती है तो उनमे सबसे पहले 5 किस्मों का नाम सबसे ऊपर आता है। इनमे कागजी नींबू (Kagzi Nimboo), प्रमुखा नींबू (Pramukha Lemon), विलायती नींबू (Galgal / Hill Lemon), इंटरडोडल नींबू (Interdonato Lemon) और माल्टा नींबू (Mitha Nimboo / Malta Lemon) अधिक पैदावार देने वाली किस्में है।
इन किस्मों में भारत में सबसे अधिक कागजी निम्बू की खेती की जाती है क्योंकि ये पैदावार के मामले में सबसे आगे है और इस किस्म के फलों में रस की मात्रा बहुत ही अधिक होती है तथा फल का ऊपरी छिलका काफी पतला होता है। इसके अलावा निम्बू को जो प्रमुखा किस्म है इसमें भी पैदावार बहुत अधिक मिलती है जिसके चलते इसको व्यवसायिक किस्म भी कहा जाता है। इस किस्म के पौधों पर बहुत अधिक फूल और फल लगते है लेकिन कागजी किस्म के मुकाबले में रस की मात्रा कम होती है।
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जो किसान पहाड़ी क्षेत्रों में रहते है और वहीं पर निम्बू की खेती करना चाहते है उन सभी किसान भाइयों को विलायती नींबू किस्म के पौधे लगाने चाहिए क्योंकि ये किस्म खास पहाड़ी इलाकों के लिए बनाई गई है। इस किस्म से गर्मियों के मौसम में काफी अधिक पैदावार मिलती है और फल में भी रस की मात्रा काफी अधिक होतीं है।
इसके साथ ही निम्बू की जो इंटरडोडल किस्म है वो एक संकर प्रजाति का पौधा होता है जिसमे पैदावार अधिक तो मिलती हो है साथ में बाकि किस्मों की तुलना में जल्दी पैदावार मिलने लगती है। माल्टा नींबू की किस्म में फल साइज में बड़े होते है और इसको जूस के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें भी गर्मियों के दिनों में काफी अच्छी पैदावार किसान भाइयों को मिलती है।
गर्मियों में नींबू की अच्छी पैदावार के लिए टिप्स
गर्मियों के मौसम में खेती में अधिक पैदावार लेना कोई आसान काम नहीं है और किसान को इसके लिए बहुत कुछ बदलाव अपने खेतों में करना होगा है। एक तो गर्मियों के दिनों में फसल में नमी की मात्रा बहुत कम हो जाती है और साथ में कीटों का हमला अधिक होने का खतरा बना रहता है। इसलिए कुछ बातें है जो किसान भाइयों को गर्मियों के मौसम में नीबू की खेती में ध्यान रखनी जरुरी है।
गर्मियों में समय पर सिंचाई करके किसान भाई निम्बू की पैदावार को बढ़ा सकते है। इसके अलावा जो किसान भाई अपने खेतों में अब नए पौधे लगाने जा रहे है उनको अभी से ही अच्छी किस के पौधे अपने खेत में लगाने है ताकि गर्मी के मौसम में उनको अधिक पैदावार मिले। इसके लिए कागजी निम्बू एक ऐसी किस्म है जो गर्मी के मौसम में अपने आपको काफी सहजता के साथ में बचाकर रखती है और अधिक पैदावार भी देती है।
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किसान भाइयों को समय समय में पौधों में जैविक खाद और नाइट्रोजन वाली खाद देते रहने से पौधे का विकास काफी तेजी के साथ में होता है और फलों की संख्या में काफी बढ़ौतरी देखने को मिलती है । इसके अलावा गर्मी में निम्बू के पौधों पर रोग और कीट काफी अधिक परेशान करते है तो किसान भाइयों को जैविक कीटनाशकों का इस्तेमाल करके इनका सफाया करना है।
निम्बू के पौधों में आपको समय समय में छंटाई करनी है क्योंकि पौधे की जड़ों के पास में जाले का निर्माण होता है और वो पौधों की बढ़वार और पैदावार दोनों में बढ़ा उत्पन्न करता है। इसलिए छंटाई करना बहुत ही जरुरी है।
निम्बू की खेती कैसे करें? – जरुरी बातें
सभी किसान भाई इस बात से वाकिफ होंगे की निम्बू की खेती कैसे की जाती है लेकिन फिर भी हम आपको आज इसकी खेती को लेकर कुछ जरुरी जानकारी आपके साथ में शेयर कर देते है। देखिये किसान भाइयों निम्बू की खेती करो या फिर कोई और खेती करो आपको सबसे पहले जलवायु और मिटटी का निरिक्षण करना जरुरी होता है की जो फसल आप खेत में उगाना चाहते है वो आपके उस मौसम में अच्छी पैदावार देगी या नहीं।
निम्बू की खेती के लिए किसान भाइयों को ध्यान रखना चाहिए की निम्बू गर्म और आर्द्र जलवायु में काफी अच्छी पैदावार देता है और साथ में अच्छी जल निकासी वाली बलुई दोमट मिट्टी 5.5 से 7.5 के बीच पीएच के साथ में है तो ये काफी अच्छा होता है। पौधों को खेत में लगाने से पहले खेत की अच्छे से तैयारी करनी होगी तभी आपके पौधे जल्दी विकसित होंगे और इसके लिए भाइयों सबसे पहले आपको खेत की मिटटी में जैविक खाद मिलकर अच्छे से जुताई करनी है और मिट्टो को भुरभुरी बना लेना है।
इसके अलावा आपको इसमें पौधों को लगाने के लिए गड्ढों का निर्माण करना है जिनमे एक पौधे से दूसरे पौधे के बीच की दूरी 4-6 मीटर की आपको रखनी है। इन गड्ढों में आपको 15-20 किलोग्राम गोबर की खाद, 1 किलोग्राम नीम की खली, और 500 ग्राम सुपर फॉस्फेट डालकर छोड़ देना है।
निम्बू के पौधों की रोपाई का समय और सिंचाई
किसान भाइयों आपके खेत में आपने जो गड्ढों का निर्माण किया है वे आपको रोपाई से 2 से 3 महीने पहले ही बना देने है और उनमे ऊपर दी गई खाद डालकर छोड़ देना है ताकि पौधे की रोपाई के लिए वे तैयार हो जाए। इसके बाद में आपको मानसून में (जुलाई-अगस्त) और वसंत ऋतु (फरवरी-मार्च) पौधों की रोपाई का काम करना है क्योंकि इन मौसम में पौधे मिटटी को पकड़ लेते है और लगभग सभी पौधे लग जाते है।
पहली सिंचाई तो पौधों के रोपण के तुरंत बाद में की जाती है और इसके 7 से लेकर 10 दिन के अंतराल पर आपको पौधों में पानी जरूर देना है। गर्मियों के मौसम में नमी जल्दी चली जाती है इसलिए ये जरुरी है। हां किसान भाई सर्दियों के मौसम में 1 महीने में एक बार सिंचाई कर सकते है क्योंकि उस समय मिट्टी और पौधों में नमी बानी रहती है।
जिस समय पर पौधों में फूल और फल आते है उस समय पर सिंचाई जरूर करनी होती है नहीं तो फूल समय से पहले ही झड़ जाते है। किसान भाई निम्बू के खेत में डायरेक्ट ड्रिप सिंचाई विधि का प्रयोग करके सिंचाई कर सकते है जिससे पानी की भी बचत होगी और सिंचाई का काम भी आसानी से पूरा हो जाता है।
किसान भाइयों इस आर्टिकल को यही पर खत्म करते है और निम्बू की खेती में लगने वाले रोग और उनकी रोकथाम और फलों की तुड़ाई आदि पर हम एक अलग से आर्टिकल लेकर आ रहे है। इसलिए बने रहिये हमारे साथ में और आप सीधे अपने मोबाइल पर खेती से जुडी जानकारी लेने के लिए हमारे WhatsApp Channel को फॉलो भी कर सकते है जो की एक फ्री सर्विस है और इसमें आपको रोजाना खेती से जुड़े आर्टिकल पढ़ने को मिलते है।